फ्रांस के राष्ट्रपति के विरोध में भोपाल में हुई रैली पर बाबा रामदेव ने उठाए सवाल

फ्रांस के राष्ट्रपति के विरोध में भोपाल में हुई रैली पर बाबा रामदेव ने उठाए सवाल

फ्रांस के राष्ट्रपति के विरोध में भोपाल में  हुई रैली पर बाबा रामदेव ने उठाए सवाल

 

मध्प्रदेश के इकबाल मैदान में हुई शुक्रवार की रैली को लेकर बहुत लोगों ने सवाल उठाए है। लगभग सभी लोगो में इस रैली को लेकर आक्रोश है। जब की भारत सरकार फ्रांस का खुला समर्थन कर रही है तो एक तबका ऐसी रैली करके क्या संदेश देना चाहता है ?

योग गुरु बाबा रामदेव ने भी इस रैली की कड़ी आलोचना की है।  बाबा रामदेव ने एक चैनल से बात करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया है ।

‌फ्रांस के विरोध में निकले जलसा जुलूस को सरकार को इस तरह की रैली कि परमिशन नहीं देनी चाहिए थी , हर बार एक ही संप्रदाय के लोग ही क्यों आग लगाने आ जाते है , तुम अपनी मान्यताओं पर विश्वास रखो पर किसी और पर थोप नहीं सकते । अपने आप पर विश्वास रखो ओर दूसरो पर उदारता रखो ,

बाबा ने ध्रुवीकरण कि राजनीति बंद करने पर जोर दिया है ,  ध्रुवीकरण को लेकर मजहबी लोगो की भीड़ को इक्कठा करना भी गलत है ,धर्म के कारण दुनिया में बहुत सारे युद्ध लड़ाइयां हुई है  धार्मिक उन्माद और धार्मिक  संघर्ष ही कारण रहा है ।

बाबा ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कभी पयगंबर महोम्मद  इसा मसीह गुरु नानक देव राम कृष्ण ने कभी  धार्मिक कट्टरता की बात की है ?  सभी महा पुरुषों ने एक समान ही बात की है। हमारे पूर्वजों का कार्टून क्यू बनाया ये कहे कर किसी की हत्या या गर्दन काट देना सही नहीं है बाबा ने कहा कि सबको मिल जुल कर रहेना चाहिए और किसी को नुकसान नहीं पहंचाना चाहिए किसी का दिल नहीं दुखाना चाहिए